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कार का एक्सीडेंट होने के बाद इन्शुरन्स क्लेम कैसे करें || how to claim car insurance after accident in india

how to claim car insurance in india 

abhinandantalk पर आपका स्वागत है। यदि आपके पास भी कार है और आपने अपनी कार का इन्शुरन्स कराया है तो आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़े ,क्यूंकि आज इस आर्टिकल में हम जानने वाले है की कैसे हम अपनी कार को एक्सीडेंट होने के बाद उसकी मरम्मत कार इन्शुरन्स की मदद से फ्री में करा सकते है। और इन्शुरन्स क्लेम करने का पूरा प्रॉसेस क्या है ? 
how to claim car insurance after accident in india
हेलो फ्रेंड्स आज से कुछ वर्ष पहले आपने देखा होगा की सड़क पर कार बहुत कम दिखाई देती थी। लेकिन आज वैसा नहीं है अब लगभग सभी के पास अपनी कार है और यह बहुत अच्छी बात है। लेकिन कारों की संख्या बढ़ने से सड़क पर आज कार ही कार नज़र आती है और ऐसा विशेषकर बड़े शहरो में और अधिक देखा जाता है। 

लेकिन इसके साथ ही इससे कारों का एक्सीडेंट होना बहुत आम बात हो गई है। और एक्सीडेंट होने के बाद कार मालिक को बहुत सारा नुकसान की भरपाई करनी पड़ती है ,लेकिन अब इस प्रॉब्लम का हल उपलब्ध है और आप बस कुछ ही स्टेप और समय में अपनी कार का रिपेयर और थर्ड पार्टी के नुकसान को भरपाई करने से बच सकते है और ये सारा नुकसान इन्शुरन्स कंपनी भरेगी है।
    और आज के इस आर्टिकल में हम इसी के बारे में जानने वाले है की एक्सीडेंट के बाद कार इन्शुरन्स क्लेम कैसे करते है ?इसका पूरा प्रॉसेस क्या है ,किन स्थितिओ में हमे कार इन्शुरन्स क्लेम मिलता है और साथ में हम जानेंगे की क्यों कार इन्शुरन्स क्लेम रिजेक्ट हो जाता है या क्लेम नहीं मिल पाता है ?तो चलिए सबसे पहले हम जानते है की आख़िरकार इन्शुरन्स क्लेम होता क्या है ?मतलब की कार बीमा दावा क्या होता है ?

    Car insurance claim 

    यदि आपके पास कार है तो आप इन्शुरन्स यानि की बीमा के बारे में जानते ही होंगे यदि नहीं जानते है तो  हमारा आर्टिकल बीमा क्या है पढ़ सकते है उसमे हमने कार इन्शुरन्स के बारे में पूरी डिटेल्स में बताया है। उसी इन्शुरन्स की मदद से आप न सिर्फ ट्रैफिक पुलिस के चलान से बच सकते है बल्कि आप उसकी मदद से कार का एक्सीडेंट होने पर अपनी और थर्ड पार्टी हुए नुकसान की भरपाई कर सकते है और आपको अपने जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। 

    कार इन्शुरन्स क्लेम एक दावा प्रक्रिया है ,इस प्रक्रिया के अंतर्गत कार मालिक अपनी कार की एक्सीडेंट होने के बाद अपनी बीमा कंपनी से अनुरोध करता है की उसकी कार का एक्सीडेंट हो गया है और उसे दावा मतलब की रिपेयर और अन्य हुए खर्चे की राशि को उपलब्ध कराया जाये। 

    इसके बाद बीमा कंपनी कार मालिक के दावा एप्लीकेशन मतलब की अनुरोध की जाँच पड़ताल करती और अनुरोध और घटना सही होने पर कार मालिक को दस से पंद्रह दिन के अंदर दावा की उचित राशि उपलब्ध करा देती है। 

    और यदि कार मालिक अपनी कार का रिपेयर इन्शुरन्स कंपनी के गैराज नेटवर्क के माध्यम से करा रहा होता है तो उसे कैशलेस गैराज की सुबिधा दी जाती है। मतलब की उसे अब कंपनी के पैसे के लिए दस से पंद्रह दिन का इंतजार नहीं करना पड़ता है और वो अपनी कार की मरम्मत करवाकर बिना पैसे दिए कार घर लेकर जा सकता है।
     
    और यदि कार मालिक अपनी कार का रिपेयर किसी अन्य गैराज में करवाता है तो उसे अपनी पॉकेट से पैसा जमा करना पड़ता है और बाद में कार इन्शुरन्स कंपनी कार मालिक के बैंक अकाउंट में पैसा ट्रांसफर कर देती है। इसके लिए बस आपको गैराज के रिपेयर खर्च का रसीद और अन्य कुछ जरुरी कागजात को लेकर आपको इन्शुरन्स क्लेम के लिए आप्लिकेशन करना पड़ता है। इसीलिए सबसे बेहतर होगा की आप कंपनी के गैराज नेटवर्क में ही अपनी कार की मरम्मत करवाए। 

    Car insurance claim rules in india 

    अभी तक हमने जाना की कार इन्शुरन्स क्लेम क्या है और इन्शुरन्स क्लेम क्यों करते है ?लेकिन अब बहुत सारे लोग लोग ऐसे भी है जो बिना क्लेम नियम और उसके दावा प्रक्रिया को जाने इन्शुरन्स क्लेम के लिए अनुरोध कर देते है लेकिन उनको कुछ फायदा नहीं होता है क्यूंकि उनका आवेदन कैंसिल कर दिया जाता है और ये इसलिए होता है क्यूंकि वे दावा नियम को नहीं जानते है और आवेदन कर देते है। 

    तो चलिए हम insurance claim process जानने से पहले यह जान लेते है की आख़िरकार किन परिस्थितिओ में हमे दावा की राशि उपलब्ध कराई जाती है। और किन परिस्थितिओ में दावा का आवेदन कैंसिल कर दिया जाता है। 

    कार इन्शुरन्स कंपनी निम्नलिखित परिस्थितिओ में बीमा दावा की राशि उपलब्ध कराती है :-
    • प्राकृतिक घटनाओं जैसे बाढ़ ,भूकंप ,चक्रवात ,आंधी और तूफान आदि से होनेवाली नुकसान के लिए दावा उपलब्ध कराती है। 
    • किसी कार दुर्घटना में होनेवाली नुकसान के लिए। 
    • कार चोरी होने की स्थिति में। 
    • किसी थर्ड पार्टी के साथ हुए एक्सीडेंट जिनमे शारीरिक और आर्थिक क्षति भी शामिल किया जा सकता है की स्थिति में इन्शुरन्स कंपनी दावा स्वीकार कर लेती है। 
    • आपकी कार में आग लगने की स्थिति में। 
    • और इसके साथ वैसी दुर्घटनाये जो किसी की मृत्यु का कारण बनती है। 

    car insurance claim rejection reasons in hindi

    दोस्तों ऊपर हमने जाना की कार इन्शुरन्स कंपनियां किन स्थितिओ में दावे की राशि उपलब्ध कराती है। लेकिन इसके बावजूद भी आपका इन्शुरन्स दावा एप्लीकेशन रिजेक्ट हो जाता है तो आपके आवेदन के रिजेक्ट होने के निम्नलिखित कारण हो सकते है जिन्हें हमने निचे पूरी डिटेल्स में बताया हैं। 

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    और एक कार ड्राइवर या मालिक होने के नाते आपको ये जानना जरुरी हो जाता है की किस कारण आपका दावा रिजेक्ट हुआ है ,ताकि आप उन कारणों से बचने की कोशिश करें ,जिससे की आगे चलकर कभी आपको रिजेक्शन का सामना न करना पड़े। तो चलिए अब जानते है कार इन्शुरन्स क्लेम रिजेक्ट होने का कारण क्या है ? 

    car insurance claim rejection के निम्नलिखित कारण हो सकते है :-
    1. आपके द्वारा किये गए दावे का सही साबित न होना :- यदि आप अपनी कार के लिए दावे का आवेदन करते है।  लेकिन यदि आपके पास उसका कठोर सबूत नहीं है जो उस घटना को सही साबित करे तो आपके द्वारा किया गया दावा को कपटी और धोखापूर्ण दावा माना जाता है और आपका आवेदन कैंसिल कर दिया जाता है। 
    2. शराब पीकर गाड़ी चलाना :- यदि आप कभी शराब पीकर गाड़ी चलाते है दुर्भाग्यवश आपका एक्सीडेंट हो जाता है तो उस स्थिति में आपको कोई इन्शुरन्स क्लेम नहीं दिया जाता है और यह आपको आपराधिक प्रक्रियाओं की तरफ ले जा सकता है। और वैसे भी आप अच्छी तरह से जानते है की शराब पीकर गाड़ी चलाना कानूनन अपराध है। और इस स्थिति में यदि आप दावा के लिए आवेदन करते है तो आपका दावा कैंसिल कर दिया जाता है। 
    3. दावा आवेदन करने में देरी करना :- इन्शुरन्स क्लेम करने का एक निर्धारित समय होता है यदि आप उस निर्धारित समय के बाद दावे का आवेदन करते है तो आपका आवेदन कैंसिल हो सकता है। इसीलिए एक्सीडेंट होने के 24 घंटे के अंदर ही आपको इन्शुरन्स कंपनी को एक्सीडेंट की सुचना दे देनी चाहिए ताकि आगे चलकर कोई दिक्कत न हो। 
    4. इन्शुरन्स कंपनी के शर्तो का पालन न करना :- इन्शुरन्स कंपनी आपको वाहन चलाने की कुछ गाइडलाइन देती है। यदि आप उन गाइडलाइन को फॉलो नहीं करते है तो एक्सीडेंट होने की स्थिति में आपको कोई दावा राशि नहीं दिया जाता है। जैसे की मान लीजिये आपने अपनी कार को निजी उपयोग के लिए लिया है और यदि आप उसको व्यव्शायिक उपयोग करने लगते है तो उस स्थिति में आपके दावे को कैंसिल किया जा सकता है। 
    5. अपनी कार बीमा का  रिन्यूअल नहीं करना :- मान लीजिये आपकी इन्शुरन्स की वैलिडिटी आज ही समाप्त होता है और किसी कारणवश आप अपनी कार इन्शुरन्स का रिन्यूअल नहीं करते है। लेकिन अचानक से दुर्भाग्य से आपके कार का एक्सीडेंट इन्शुरन्स समाप्ति के एक दिन बाद ही हो जाता है तो आपको उस समय इन्शुरन्स क्लेम नहीं दिया जाता है। और आपके दावे को कैंसिल कर दिया जाता है। 

    Car insurance claim process 

    भारत में अक्सर देखा जाता है की एक्सीडेंट होने के बाद लोग अपनी कार को छोड़कर भाग जाते है। लेकिन किसी को भी ऐसा नहीं करना चाहिए ,एक्सीडेंट होने के बाद अपनी गाड़ी को छोड़कर भागे नहीं बल्कि अपने और अपने आस पास के लोग जो घायल हुए है उनको सबसे पहले अस्पताल पहुचाये और उनका इलाज कराये। और आपसी झगड़े से बचने की कोशिश करें। 


    इसके बाद अपनी नजदीकी पुलिस स्टेशन में इसकी सुचना दे और अपनी इन्शुरन्स कंपनी को भी सूचित कर दे। इसके बाद इन्शुरन्स कंपनी आपकी कार और घटना की जाँच करेगी और आपका दावा सही होने पर आपको क्लेम की राशि को उपलब्ध करा देगी। अपने इन्शुरन्स दावे को सफलता पूर्वक प्राप्त करने के लिए निचे दिए गए स्टेप को फॉलो करें :-
    1. एक्सीडेंट होने के बाद सबसे पहले बीमा कंपनी को सूचित करे और उन्हें अपनी घटना के बारे में बताये। क्यूंकि आपको अब तक मालूम हो गया होगा की एक्सीडेंट होने के एक समयसीमा के अंदर किया जानेवाला दावा ही स्वीकार्य होता है। 
    2. बीमा कंपनी को सूचित करने के लिए आप उन्हें कॉल कर सकते है या उनकी ऑफिसियल वेबसाइट पर जाकर भी सूचना दे सकते है। 
    3. इसके बाद निकटतम पुलिस स्टेशन में एक्सीडेंट की सुचना दे और प्राथमिकी दर्ज कराये। ऐसा करने से आपको और किसी कठोर सबूत की जरूरत नहीं पड़ेगी और दावा मिलने के चांस बढ़ जाता है। 
    4. यदि आपके एक्सीडेंट में कोई तीसरा पक्ष भी शामिल है तब आपको मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में सुचना दे दे अन्यथा रहने दे। 
    5. एक्सीडेंट होने के बाद कार और थर्ड पार्टी का फोटो खिंच ले या वीडियो रिकॉर्ड कर ले जिससे आपको एक अच्छा सबूत मिल जायेगा। 
    6. अब अपनी बीमा कंपनी से सम्पर्क करे और उनसे एक्सीडेंट की जाँच की मांग करे ,एक्सीडेंट की जाँच वो वीडियो कालिंग या अपना कर्मचारी भेजकर करेंगे। ये सारी प्रक्रिया एक या दो दिन के अंदर हो जाती है। 
    7. एक्सीडेंट की जाँच करने के बाद यदि सबकुछ सही रहता है तो वो खुद ही आपकी कार को अपने नेटवर्क गैरेज में ले जायेंगे और कैशलेश सुविधा के अंतर्गत आपकी कार की मरम्मत कर आपको लौटा दी जाएगी।
    8. यदि आप अपनी पसंदीदा गैरेज में रिपेयर कराना चाहते है तो वो भी आप करा सकते है। लेकिन इसमें आपको रिपेयर के पैसे अपने जेब से देने पड़ते है। और कार इन्शुरन्स कंपनी आपको आपके पैसे दस से पंद्रह दिन के अंदर बैंक में ट्रांस्फर कर देती है। 
    9. इसके लिए आपको कंपनी को अपनी कार का रिपेयर का बिल ,चिकित्सा रिपोर्ट , रसीद और फोटो आदि कागजात जमा करने पड़ते है। और बीमा कंपनी नियम और शर्त के अनुसार दावा की राशि आपको दे देती है। 
    10. इन्शुरन्स कंपनी द्वारा दिया जानेवाली राशि और कवर की जानेवाली घटनाये आपकी इन्शुरन्स के प्रकार पर निर्भर करती है की आपने कौन सा इन्शुरन्स लिया  है।  

    कार बीमा दावा के लिए जरुरी डॉक्यूमेंट (Important file for car insurance claim )

    कार इन्शुरन्स क्लेम करने के लिए निम्नलिखित दस्तावेज मतलब की डॉक्यूमेंट की जरुरत पड़ती है :-
    • कार इन्शुरन्स का फोटो कोप्पी 
    • पुलिस स्टेशन में दर्ज की गयी FIR की फोटो कोप्पी 
    • Drivering licence की फोटो कोप्पी 
    • कार रेजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की कोप्पी 
    • कार रिपेयर की खर्च की रसीद 
    • शारीरिक नुकसान के मामले में मेडिकल रिपोर्ट 
    • अन्य खर्चो का मूल रिकॉर्ड 

    How to claim car insurance for scratches India

    यदि आपके कार पर किसी एक्सीडेंट या किसी वजह से स्क्रैच आ जाता है और आप सोच रहे है की उसके लिए इन्शुरन्स क्लेम करू और कुछ राशि की प्राप्त करू तो इससे पहले आपको कुछ बाते जान लेनी चाहिए ,जिससे की बाद में आपको पछताना न पड़े। 

    देखिये यदि आपके कार पर जो स्क्रैच आया है यदि उसको रिपेयर करने में ज्यादा पैसा लग रहा है तो आप इन्शुरन्स क्लेम कर सकते है। इसका प्रोसेस भी same ही है जैसे की मैंने ऊपर बताया है। लेकिन यदि आपके स्क्रैच के रिपेयर में बहुत कम खर्च आ रहा है तो आप उसे अपनी तरफ से रिपेयर कर ले।

    ऐसा करने से आपको फायदा ये होगा की आपका इन्शुरन्स रिन्यूअल कराते समय आपको नो क्लेम का बोनस मिल जायेगा और भी आपको कई छूट मिल जाती है जिससे की आपके इन्शुरन्स  प्रीमियम बहुत कम देना पड़ता है। और यदि आप इन्शुरन्स क्लेम करते है तो आगे चलकर आपको बहुत सारी इन्शुरन्स कंपनी बीमा देने से मना करेंगी या आपसे ज्यादा इन्शुरन्स प्रीमियम की डिमांड करेंगी। 


    इस आर्टिकल में हमने car insurance claim kaise kare का पूरा प्रोसेस के बारे में जाना। जैसे की कार का एक्सीडेंट होने के बाद इन्शुरन्स क्लेम कैसे करते है ,इन्शुरन्स क्लेम होता क्या है,कार बीमा दावा का नियम क्या है और यह किन घटनाओ के लिए कवरेज प्रदान करता है ,कार इन्शुरन्स क्लेम रिजेक्ट क्यों हो जाता है और इसके साथ ही हमने जाना की कार इन्शुरन्स क्लेम करने का प्रॉसेस क्या है ?

    आशा है की इस आर्टिकल को पूरा पढ़ने के बाद आपका सारा डाउट क्लियर हो गया होगा। आपको यह आर्टिकल कैसा लगा अपना विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखे। और इस आर्टिकल को अपने दोस्तों और रिस्तेदारो को भी जरूर शेयर करें। 

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